Tuesday, October 20th, 2026

रिसर्च में बड़ा खुलासा: हैंड सैनिटाइजर बच्चों को कर सकता है अंधा

नई दिल्ली
कोरोना काल में सैनिटाइटर हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन गए हैं। डॉक्टर ने कोरोना के खात्मे के लिए हैंड सैनिटाइटर इस्तेमाल करने की सलाह दी है। आज हम सैनिटाइटर को आसानी से अपने कार्यालय, स्कूलों, कॉलेजों, मॉल और सार्वजनिक परिवहन में देख सकते हैं। लेकिन अब हैंड सैनिटाइटर के इस्तेमाल से हो रहे साइड इफेक्ट को लेकर एक रिसर्च सामने आई है। इस रिसर्च में कहा गया है कि हैंड सैनिटाइटर के इस्तेमाल से बच्चों की सेहत पर खराब असर पड़ सकता है। 21 जनवरी को JAMA नेत्र विज्ञान पत्रिका में प्रकाशित एक अध्ययन में, शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि हैंड सैनिटाइटर के इस्तेमाल से बच्चों की आंखों की रौशनी पर बुरा असर पड़ रहा है और ये खतरनाक हो सकता है कि इससे बच्चे अंधे भी हो सकते हैं। फ्रांस में हुए ताजा शोध के मुताबिक, शोधकर्ताओं ने पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 1 अप्रैल से 24 अगस्त, 2020 के बीच बच्चों में खतरनाक रसायनों के संपर्क में आने के कारण उनकी आंखों में दर्द होने के सात गुना अधिक मामले पाए हैं। यानी साल 2020 में साल 2019 की अपेक्षा बच्चों की आंख संबंधी बीमारी 7 गुना बढ़ी है। शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि अगर गलती से सैनिटाइटर बच्‍चों की आंख में चला जाए तो यह उन्‍हें अंधा कर सकता है।

रिसर्च में कहा गया है कि बाल चिकित्सा डेटाबेस में हैंड सैनिटाइटर का असर बच्चों की आंखों पर सिर्फ 1.3 प्रतिशत था। 2020 के अंत तक, यह संख्या 9.9 प्रतिशत तक हो गई है। फ्रांस में केवल एक बच्चे को ङी उसकी आंखों में सैनिटाइजर की वजह से अस्पताल में भर्ती किया गया था। अध्ययन में कहा गया कि 2019 में, 16 बच्चों को इस तरह के रासायनिक जोखिम के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इससे पहले वर्ल्ड जरनल ऑफ करंट मेडिकल एंड फार्मास्युटिकल रिसर्च में प्रकाशित एक पेपर में कहा गया था कि हैंड सैनिटाइजर का अधिक इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। फ्रेंच प्‍वाइजन कंट्रोल सेंटर के आंकड़ों के मुकाबिक 1 अप्रैल 2020 से अगस्त 2020 के बीच सैनिटाइजर से जुड़े मामले 232 रहीं हैं, जो पिछले साल 2019 में 33 थी।

रिसर्च में सलाह दी गई है कि बच्चों में सैनिटाइजर इस्तेमाल की जगह हाथ धोने के बारे में ज्यादा कहा जाए। या फिर पैरेंट द्वारा छोटे बच्चे को सैनिटाइजर लगाने में मदद की जाए। डॉक्‍टरों ने कहा कि छोटे बच्‍चों में सैनिटाइजर के आंखों में जाने से गंभीर रूप से बीमार होने या फिर अंधा होने का खतरा बना रह सकता है।

बता दें कि कोरोना वायरस की वजह से दुनियाभर में सैनिटाइजर के इस्‍तेमाल पर जोर दिया जा रहा है। कोरोना की वजह से लगभग 70 फीसदी अल्‍कोहॉल वाले सैनिटाइजर का इस्‍तेमाल बहुत तेजी से बढ़ा है। एक्सपर्ट का दावा है कि सैनिटाइजर कोरोना वायरस का खात्‍मा कर देता है।

 

#हैंड सैनिटाइजर

Source : Agency

पाठको की राय